सकारात्मक सोच हमें सदैव तनावरहित जिंदगी की तरफ ले जाती हैकिसी भी चीज के बारे में हमारी सोच का नजरिया एक ऐसा साधन है, जो हमें प्रत्येक वस्तु के बारे मे अच्छा सोचने की कला सिखाता है और इस नजरिये की कुंजी इस बात मे छुपी है कि एक ही हालत या वस्तु के बारे में हम अपनी राय कई तरीकों से बना सकते हैं। जैसे पानी का ग्लास आधा खाली रहने पर हम इसे सकारात्मक नजरिये से देख सकते हैं कि ग्लास आधा भरा है। इसी प्रक्रिया में यदि हम नकारात्मक सोच का नजरिया समाप्त कर दें तो बहुत सारे तनावों से बचे रह सकते हैं। इसे समाप्त करने के लिए हम सर्वप्रथम प्रयास तो यह कर सकते हैं कि सकारात्मक पहलू के बारे मे अधिकाधिक सोचें तथा हर क्षण को “स्वीकारात्मक है” में जीने का प्रयास करें। उदाहरण के लिए मान लीजिए आप दुर्घटनाग्रस्त हो गए हैं, तो आप ईश्वर का ध्नयवाद अदा कीजिए कि आप मामूली चोट लगने से घायल हुए हैं. इसके अलावा एक तरीका और है जब आप यह मान कर चलें कि ऐसा होना संयोग ही था तथा इसमें हम कुछ भी करने में असमर्थ थे ।
सच तो यह है कि आप हर स्थिति में एक नहीं अनेक सकारात्मक कारण ढूंढ सके हैं. उदाहरण के लिए मान लीजिए आप धार्मिक हैं या आध्यात्म में विश्वास करते हैं तो ऐसा सोच कर कठिन से कठिन परिस्थिति का सामना कर सकते हैं कि कोई भी घटना घटे, वह अपने पीछे एक कारण, एक उद्देश्य लपेटे रहती है। ऐसे में हर बुरी घटना के लिए यह मान सकते हैं कि यह तो ईश्वर की मर्जी है, बस आप सब ईश्वर पर छोड दीजिए। इसका परिणाम ये होगा कि आपका मष्तिष्क आपके रक्त में एड्रिनेलिन हार्मोन की सप्लाई नहीं करेगा, जो तनाव या चिंता की हालत में करता है। बस सकारात्मक सोच आते ही आप अपने आप को तनाव मुक्त तरोताजा महसूस करने लगेंगे तथा किसी भी प्रकार की तनाव देने वाली ग्रंथि से दूर रहेंगे ।
यदि आप के मन में नकारात्मक सोच है तो आप हर वक्त अपने आप को निढाल, थका हुआ, हताश तथा निराश पाएंगे और जब ये सारी बातें आपके तन मन में एक बार घर बना लें तो फिर हीन भावना से ग्रसित हो कर यह गंभीर बीमारी का रूप धारण कर सकती है। इस लाईलाज समस्या से निकलने के लिए सबसे पहले आप अपनी ताकत का अंदाजा लगाएं, तनाव के उन कारणों का पता लगाएं जिनके चक्रव्यूह में आप फंस गए हैं। साथ ही तनावमय जीवन के परिणामों के बारे में सोचे तथा सकारात्मकता के जरिये तनावमय जीवन मे बदलाव लाने का प्रयास करें। नकारात्मक तथा निराशामय सोच से बाहर आने के लिए हाथ पर हाथ धरे न बैठे रहे , अपितु उठें और इस निराशामय अंधकार को प्रकाश से भरने का प्रयास करें। किन्तु ईसके विपरीत आप किसी ऐसी परेशानी या विपदा में फस गए हैं जहां हालात ही ऐसे हैं कि हम कुछ नहीं कर सकते तो ऐसे में घटना को घटने दें तथा उसके स्वत: ही समाप्त होने की प्रतीक्षा करें। मान लीजिए आप ऐसी जगह पर हैं, जहां प्राकृतिक कारणों से यातायात के साधन ठप्प हो गए हैं तो ऐस में आप हालात में सुधार की प्रतीक्षा यदि तनावमुक्त रह कर करेंगे तो समय तनावमुक्त बीतेगा या मान लीजिए घर का टेलीफोन खराब हो गया अथवा टी.वी. की केबल खराब हो गई है तो यदि आप टेलीफोन या केबल ठीक होने की प्रतीक्षा सहज रूप से करें तो सनय तनावमुक्त बीतेगा ।
लेबल: hindi article