।। श्री रेणुका देवी प्रसंन्न।।

जय देवी श्री देवी, रेणुका माते। आरती ओवाळीतो तुजला शुभचरिते।।
मंदस्मित मधुलोचन, सुंदर ही मूर्ती। वज्रचुडेमंडित तव, गिरिशिखरे वसती।। 1
जय देवी श्री देवी, रेणुका माते। आरती ओवाळीतो तुजला शुभचरिते।।
भाग्यवती तूं जननी, परशुरामाची। तेहतीस कोटी देवांवरि, तव सत्ता साची।।2
जय देवी श्री देवी, रेणुका माते। आरती ओवाळीतो तुजला शुभचरिते।।
सीता, लक्षी, पार्वती, यल्लम्मा सारी। तुझीच नाना नावें नाना अवतारी।।3
जय देवी श्री देवी, रेणुका माते। आरती ओवाळीतो तुजला शुभचरिते।।
जगदेश्वरी जगदंबे, व्यापिसी विश्वाला। मिलिंद माधव भावे वंदितसे तुजला।।4
जय देवी श्री देवी, रेणुका माते। आरती ओवाळीतो तुजला शुभचरिते।।

लेबल: ,

 
प्रेषक : साईट प्रबंधन सोमवार, 19 मार्च 2007 3:45 pm.